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अगर आपका शिशॠअपने उमà¥à¤° के 9वें महीने में कदम रख चà¥à¤•ा है, तो वह पहले से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ चà¥à¤¸à¥à¤¤ और थोड़ा नटखट à¤à¥€ हो गया होगा। आपको उसकी à¤à¥‹à¤²à¥€ मà¥à¤¸à¥à¤•ान लà¥à¤à¤¾à¤¤à¥€ होगी और आप उसके विकास के संबंध में और à¤à¥€ बहà¥à¤¤ कà¥à¤› जानना चाहते होंगे। मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख में आपको 9 महीने का बचà¥à¤šà¤¾ कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ कर सकता है, कà¥à¤¯à¤¾ खा सकता है आदि बातों के बारे में जानकारी मिलेगी।
9 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ का वजन और हाइट कितनी होनी चाहिà¤?
9 महीने के शिशॠका विकास पिछले महीनों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में काफी à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ हो जाता है। उसके वजन और हाइट में à¤à¥€ काफी बदलाव होते हैं। नौ महीने की बेबी गरà¥à¤² का सामानà¥à¤¯ वजन लगà¤à¤— 7.2 से लेकर 9.3 किलो तक और लंबाई करीब 70 सेंटीमीटर तक हो सकती है। वहीं, बेबी बॉय का सामानà¥à¤¯ वजन लगà¤à¤— 7.9 किलो से लेकर 10.2 किलो तक हो सकता है और लंबाई लगà¤à¤— 72 सेंटीमीटर तक हो सकती है (1)।
नोट : हर शिशॠका शारीरिक विकास अलग-अलग होता है। इसलिà¤, सà¤à¥€ के वजन और लंबाई में अंतर हो सकता है। माता-पिता के लिठधà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखने वाली à¤à¤• बात यह है कि आमतौर पर बचà¥à¤šà¥‡ का वजन जनà¥à¤® के वजन पर निरà¥à¤à¤° करता है। इसलिà¤, माता-पिता को अपने बचà¥à¤šà¥‡ के वजन की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ उसके जनà¥à¤® के वजन से करनी चाहिà¤à¥¤ पांचवें महीने तक शिशॠका वजन उसके जनà¥à¤® के वजन से दोगà¥à¤¨à¤¾ होना चाहिठ1 वरà¥à¤· का होने तक तिगà¥à¤¨à¤¾ होना चाहिà¤à¥¤
लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में हम 9 महीने के शिशॠके विकास में होने वाले जरूरी माइलसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ के बारे में बताà¤à¤‚गे।
9 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के विकास के माइलà¥à¤¸à¤Ÿà¥‹à¤¨ कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
अब आपका शिशॠनौ महीने का हो चà¥à¤•ा है और वह पहले से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फà¥à¤°à¥à¤¤à¥€à¤²à¤¾ हो गया होगा। 9 महीने की उमà¥à¤° में बचà¥à¤šà¥‡ की गतिविधियों में बदलाव आने लगता है और वो नई-नई चीजें सीखने लगता है। à¤à¤¸à¥‡ में उसके मानसिक, शारीरिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• परिवरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना जरूरी है। यहां जानिठकि 9 महीने के शिशॠमें कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ परिवरà¥à¤¤à¤¨ आते हैं :
मानसिक विकास
इशारों की नकल करना – आपने यह तो सà¥à¤¨à¤¾ ही होगा कि बड़े जो करते हैं, बचà¥à¤šà¥‡ उसे देखकर दोहराने की कोशिश करते हैं। यह बात काफी हद तक सच है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि 9 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ अपने आसपास हर वकà¥à¤¤ रहने वाले लोगों की नकल करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करते हैं। सिरà¥à¤« आदतें ही नहीं, बलà¥à¤•ि आवाजों की à¤à¥€ नकल करने लगते हैं। इसलिà¤, जो उनके साथ रहते हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कोई à¤à¥€ काम सावधानी से करना चाहिठऔर सोच-समà¤à¤•र बोलना चाहिठ(2) (3)।
आवाजें निकालना – 9 महीने में शिशॠकई तरह की आवाजें निकालने लगते हैं, यहां तक कि ‘ममà¥à¤®à¤¾-बाबा’ तक बोलना सीखने लगते हैं (2) (4)।
चीजों को दिखाना – इस उमà¥à¤° में शिशॠको चीजों और लोगों की काफी समठहो जाती है। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जो चीज चाहिठहोती है या जिस इंसान के पास जाना होता है, वो उनकी तरफ उंगली से इशारा करके दिखाने लगते हैं (2)।
लà¥à¤•ा छिपी खेलना – अगर कोई उनके साथ लà¥à¤•ा छिपी खेलें, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अचà¥à¤›à¤¾ लगता है और वो उस खेल का मजा लेने लगते हैं (2) (4)।
‘न’ की समठ– 9 महीने के शिशॠ‘न’ शबà¥à¤¦ को समà¤à¤¨à¥‡ लगते हैं। अगर वो कोई चीज मांगे और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ न मिले, तो वो रोने लगते हैं (2)।
चीजों को मà¥à¤‚ह में डालना – इस उमà¥à¤° में शिशॠथोड़ी बहà¥à¤¤ चीजें खाना सीखने लगते हैं। उनके सामने कà¥à¤› à¤à¥€ रहता है, तो वो उसे अपने मà¥à¤‚ह में डाल लेते हैं। इसलिà¤, इस दौरान माता-पिता को शिशॠपर काफी धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना जरूरी होता है (2)। आमतौर से शिशॠकी यह हरकत पांचवें महीने से शà¥à¤°à¥‚ हो सकती है।
किताबें देखना – 9 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ रंग-बिरंगी किताबों के तरफ à¤à¥€ बहà¥à¤¤ आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ होते हैं। अगर बड़े उनके साथ बैठकर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कारà¥à¤Ÿà¥‚न की किताबें दिखाà¤à¤‚, तो वो काफी देर तक उसकी तरफ आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ रहते हैं (4)।
चीजों को फेंकना – शिशॠचीजों को जमीन पर फेंकना या दीवार पर मारना सीखने लगते हैं। अगर à¤à¤• बार उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उठाकर वो चीज वापस दो, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मजा आता है और वो बार-बार उसे दोहराते हैं (4)।
शारीरिक विकास
कà¥à¤°à¥‰à¤² या घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के बल चलना – माता-पिता की खà¥à¤¶à¥€ का ठिकाना नहीं होता, जब उनका शिशॠघà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के बल चलकर उनके तरफ आता है। 9 महीने का बचà¥à¤šà¤¾ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के बल चलना सीखने और खेलने लगता है (2)।
बिना सहारे के बैठना – शिशॠजनà¥à¤® के कà¥à¤› महीने तक खà¥à¤¦ से बैठनहीं पाता, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनकी रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ कमजोर होती है और सही तरीके से विकसित नहीं होती है। फिर जैसे-जैसे वो बड़े होने लगते हैं, उनकी रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ मजबूत होने लगती है और जब शिशॠ9 महीने के होते हैं, तो वो बिना सहारे के बैठने लगते हैं (2)।
चीजों को पकड़ना – शिशॠअपने तरà¥à¤œà¤¨à¥€ और अंगूठे से छोटी-छोटी चीजों को पकड़ना सीखने लगते हैं और à¤à¤• हाथ से दूसरे हाथ में पास करना à¤à¥€ सीख जाते हैं (2) (3)।
कंधों और हाथों का उपयोग – शिशॠकंधों और हाथों का सहारा लेने लगते हैं। अगर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नीचे या बेड पर पेट के बल लेटाया जाता है, तो वो अपने हाथों से खà¥à¤¦ को रोक सकते हैं। इसको पैराशूट रिफà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ कहते हैं (3)।
सहारे से खड़ा होना – शिशॠसहारे के साथ-साथ धीरे-धीरे खड़े होने लगते हैं। कई बार तो वो इशारे करके या रो-रोकर लोगों को अपने पास बà¥à¤²à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। फिर उनके सहारे खड़े होकर खà¥à¤¶ हो जाते हैं (2)।
सामाजिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकास
जानने वालों के जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ करीब – जो लोग शिशॠके साथ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वकà¥à¤¤ बिताते हैं, उनके साथ शिशॠजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ घà¥à¤²-मिल जाते हैं और पà¥à¤¯à¤¾à¤° जताते हैं। साथ ही उनके करीब रहना पसंद करते हैं (2)।
अजनबियों से डर – शिशॠको लोगों को पहचानने की समठहोने लगती है। वो अपने और अजनबियों के बीच फरà¥à¤• समà¤à¤¨à¥‡ लगते हैं। इसलिà¤, जब वो कोई नया चेहरा देखते हैं या किसी अजनबी के गोद में जाते हैं, तो रोने और चिड़चिड़ाने लगते हैं (2)।
पसंदीदा खिलौना – 9 महीने में शिशॠकई तरह के खिलौनों से खेलना सीख जाते हैं। साथ ही कई बार उनको कà¥à¤› विशेष तरह के खिलौनों के साथ खेलना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पसंद होता है। à¤à¤¸à¥‡ में उनके पसंदीदा खिलौने à¤à¥€ हो जाते हैं, जिनके साथ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खेलना अचà¥à¤›à¤¾ लगता है (2)।
इशारों में मांगना – अगर शिशॠको कà¥à¤› जरूरत होती है, तो वो अपने हाथों के इशारे से या अनà¥à¤¯ तरीकों से चीजों को मांगना शà¥à¤°à¥‚ करते हैं। वो इशारों से अपनी पसंद-नापसंद को थोड़ा-बहà¥à¤¤ जाहिर करने लगते हैं।
नाम पहचानना – 9 महीने के शिशॠधीरे-धीरे नाम से लोगों को पहचानने लगते हैं। जैसे – अगर कोई शिशॠके सामने ममà¥à¤®à¥€-पापा कहे, तो शिशॠहरकत में आ सकते हैं। वहीं, जिनके साथ वो पूरा दिन बिताते हैं, चाहे वो à¤à¤¾à¤ˆ-बहन हो या परिवार का अनà¥à¤¯ सदसà¥à¤¯à¥¤ उनके नाम से à¤à¥€ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जानने लगते हैं।
बोलना शà¥à¤°à¥‚ करते हैं – कà¥à¤› शिशॠजलà¥à¤¦à¥€ बोलते हैं, कà¥à¤› देर से। अगर 9 महीने के शिशॠकी बात की जाà¤, तो वो ‘ममà¥à¤®à¤¾â€™, ‘मां’, ‘पापा’, ‘बाबा’, जैसे आसान शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ को थोड़ा-बहà¥à¤¤ बोलने लग सकते हैं।
आगे जानिठ9 महीने बचà¥à¤šà¥‡ को कौन-कौन से टीके लगवाने जरूरी है।
9 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ को कौन-कौन से टीके लगाठजाते हैं?
9 महीने के शिशॠका विकास सही तरीके से हो, उसके लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लगने वाले टीकों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना जरूरी है। टीकाकरण के कारण ही शिशॠकी रोग-पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में सà¥à¤§à¤¾à¤° होता है और बीमारियों से उनका बचाव हो सकता है। इसलिà¤, लेख के इस à¤à¤¾à¤— में हम 9 महीने बचà¥à¤šà¥‡ को लगाठजाने वाले टीकों के बारे में जानकारी दे रहे हैं (5)।
ओपीवी 2
à¤à¤®à¤à¤®à¤†à¤° -1
नोट : टाइफाइड कॉनà¥à¤œà¥à¤—ेट वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ टीका शिशॠको 9 से 12 महीने के बीच लगाया जाता है। इस बारे में आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° या शिशॠविशेषजà¥à¤ž से और अचà¥à¤›à¥€ जानकारी मिल सकती है। इसके अलावा, बचà¥à¤šà¥‡ को 9 महीने में विटामिन ठकी खà¥à¤°à¤¾à¤• मिलती है और उसके बाद 5 साल तक हर 6 महीने में।
अब बारी आती है यह जानने की कि 9 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितना दूध आवशà¥à¤¯à¤• है।
9 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितना दूध आवशà¥à¤¯à¤• है?
मां का दूध – शिशॠको 6 महीने तक सिरà¥à¤« मां का दूध ही पिलाना ही चाहिà¤à¥¤ उसके बाद शिशॠको ठोस आहार देना शà¥à¤°à¥‚ किया जा सकता है। वहीं, कà¥à¤› शिशॠ6 महीने के बाद à¤à¥€ मां के दूध का सेवन करते हैं। अगर आपका 9 महीने का शिशॠà¤à¥€ उनà¥à¤¹à¥€à¤‚ में से à¤à¤• है, तो उसे दिन à¤à¤° में तीन से पांच बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करा सकते हैं। अगर मिलीलीटर की बात करें, तो शिशॠलगà¤à¤— 887 से 946 मिलीलीटर (30 to 32 ounces) तक दूध पी सकता है। यह मातà¥à¤°à¤¾ काफी हद तक शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ और à¤à¥‚ख पर à¤à¥€ निरà¥à¤à¤° करती है (6)।
फॉरà¥à¤®à¥‚ला फीड – अगर आपका शिशॠफॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीता है, तो आप उसे उसकी इचà¥à¤›à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° चार से पांच बार फॉरà¥à¤®à¥‚ला फीड दे सकते हैं। आप दिनà¤à¤° में 700 से 950 मिलीलीटर तक फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध दे सकते हैं (7)।
नोट : शिशॠकी दूध पीने की मातà¥à¤°à¤¾ उसके à¤à¥‚ख और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर निरà¥à¤à¤° करती है। हर शिशॠकी à¤à¥‚ख और जरूरत अलग-अलग होती है, तो उसी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° वो दूध पीते हैं।
दूध के बाद बारी आती है आपके 9 महीने बचà¥à¤šà¥‡ के विकास के लिठसही मातà¥à¤°à¤¾ में आहार के बारे में जानने की।
9 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितना खाना आवशà¥à¤¯à¤• है?
अगर आपका शिशॠफॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीता है, तो आप उसे उसकी इचà¥à¤›à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° चार से पांच बार फॉरà¥à¤®à¥‚ला फीड दे सकते हैं। आप पà¥à¤°à¤¤à¤¿ फीड में 177 से 236 ml (6 to 8 oz) तक फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध दे सकते हैं (7)। बेहतर है इस बारे में शिशॠविशेषजà¥à¤ž की à¤à¥€ राय ली जाà¤à¥¤
खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ मातà¥à¤°à¤¾
बेबी सीरीयल (शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ करें होल वीट और मिशà¥à¤°à¤¿à¤¤ अनाज से) पूरे दिन में 4 से 8 चमà¥à¤®à¤š या उससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¥€ दे सकते हैं
हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हर दिन à¤à¤• चौथाई कप से आधा कप दो से तीन बार
फल हर दिन à¤à¤• चौथाई कप से आधा कप दो से तीन बार
डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ – दही या पनीर à¤à¤• चौथाई कप दही या पनीर के छोटे टà¥à¤•ड़े दिनà¤à¤° में à¤à¤• से दो बार
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ – अंडे की जरà¥à¤¦à¥€, चिकन, बीनà¥à¤¸ à¤à¤• चौथाई कप à¤à¤• से दो बार
पानी आधा से à¤à¤• कप (लगà¤à¤— 125 से 250 मिलीलीटर – 4 to 8 oz) मतलब पूरे दिन में आधा से कप
फलों का जूस शिशॠके à¤à¤• साल का होने के बाद ही दें।
नोट : शिशॠको à¤à¤• साल होने के बाद ही होल मिलà¥à¤• और अंडे का सफेद à¤à¤¾à¤— दें। इसके अलावा, हर शिशॠका सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ और जरूरत अलग-अलग होती है, इसलिठयह डाइट चारà¥à¤Ÿ à¤à¤• उदाहरण के तौर पर हमने आपके साथ शेयर किया है।अपने शिशॠके डाइट चारà¥à¤Ÿ के लिठआप शिशॠविशेषजà¥à¤ž से राय ले सकते हैं।
आगे जानिठ9 महीने बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितनी नींद जरूरी है।
9 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितनी नींद आवशà¥à¤¯à¤• है?
9 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ का विकास सही तरीके से हो, उसके लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नींद लेना à¤à¥€ जरूरी है। 9 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ की नींद में पहले की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में बदलाव हो सकते हैं। 9 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठ24 घंटे में से 12-16 घंटे की नींद जरूरी होती है। इसमें कà¥à¤› देर की à¤à¤ªà¤•ियां à¤à¥€ शामिल हैं (8)।
9 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठखेल और गतिविधियां
अब बात करते हैं आपके 9 महीने के ननà¥à¤¹à¥‡ और फà¥à¤°à¥à¤¤à¥€à¤²à¥‡ शिशॠके लिठकà¥à¤› खेल और गतिविधियां के बारे में, जो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मानसिक और शारीरिक तरीके से और à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ बनाने में आपकी मदद कर सकती हैं (9)।
गेंद से खेलना – शिशà¥à¤“ं को बॉल से खेलना अचà¥à¤›à¤¾ लगता है। अगर उनके सामने कोई छोटी या बड़ी गेंद रखी जाà¤, तो वो उसे दूर फेंकने की कोशिश करते हैं। कोई उसे फिर से गेंद लाकर दे, तो शिशॠबार-बार मजे के लिठयह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दोहराते हैं। इस उमà¥à¤° के शिशॠको आवाज करने वाले और लाइट वाले खिलौने पसंद होते हैं।
किताबें या तसà¥à¤µà¥€à¤°à¥‡à¤‚ देखना – शिशॠको रंग-बिरंगी किताबें दिखाà¤à¤‚ और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कहानियां सà¥à¤¨à¤¾à¤à¤‚। à¤à¤¸à¤¾ करने से वो न सिरà¥à¤« किताब के पनà¥à¤¨à¥‹à¤‚ को पलट-पलटकर आपकी कहानी सà¥à¤¨à¤¾à¤¨à¥‡ की नकल करेंगे, बलà¥à¤•ि रंगों को à¤à¥€ देखकर खà¥à¤¶ होंगे।
बालà¥à¤Ÿà¥€ के साथ खेलना – शिशॠके सामने कोई बालà¥à¤Ÿà¥€ रख दें और उसमें उनके सामने खिलौने गिराà¤à¤‚। इससे वो à¤à¥€ आपकी नकल करेंगे और खिलौने गिराà¤à¤‚गे। वो जैसे ही à¤à¤¸à¤¾ करें आप उनके सामने ‘धप’ या कोई और शबà¥à¤¦ बोलें। à¤à¤¸à¤¾ करने से वो धीरे-धीरे कà¥à¤› शबà¥à¤¦ सीखने लगेंगे। अगली बार जब आपका बचà¥à¤šà¤¾ बालà¥à¤Ÿà¥€ में कà¥à¤› गिराà¤, तो आप चà¥à¤ª रहकर उसकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का इंतजार करें।
गाना या ताली बजाना – शिशॠके सामने ताली बजाकर या गाना चलाकर खेलें। कई शिशॠतो गाने सà¥à¤¨à¤•र नाचने तक की कोशिश करते हैं और उतà¥à¤¸à¥à¤• होकर ताली à¤à¥€ बजाने लगते हैं।
लेख के आगे के à¤à¤¾à¤— में जानिठकि 9 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के माता-पिता को उनके ननà¥à¤¹à¥‡ के लिठकौन सी सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी चिंताà¤à¤‚ होती हैं।
9 महीने के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के माता-पिता की आम सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ चिंताà¤à¤‚
काली खांसी – काली खांसी संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• होती है और यह किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° के वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को हो सकती है। अगर आपके बचà¥à¤šà¥‡ की नाक बह रही हो, उसे हलà¥à¤•ा बà¥à¤–ार हो और वो लगातार खांस रहा हो, तो बिना देर करते हà¥à¤ उसे डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚। इससे शिशॠको सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।
निमोनिया – अगर आपके शिशॠको लगातार बà¥à¤–ार हो, ठंड लगे, उलà¥à¤Ÿà¥€ और सांस लेने में तकलीफ हो, तो यह निमोनिया का लकà¥à¤·à¤£ हो सकता है। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में बिना देर करते हà¥à¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• कर शिशॠकी सेहत पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें।
कान में संकà¥à¤°à¤®à¤£ – कà¤à¥€-कà¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ होता है कि नहलाते वकà¥à¤¤ शिशॠके कान में हलà¥à¤•ा पानी जा सकता है। हालांकि, माता-पिता तौलिठसे कान साफ कर देते हैं, लेकिन कà¤à¥€-कà¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ करने से à¤à¥€ पानी ठीक से नहीं निकलता है। इस कारण शिशॠको कान दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ का à¤à¥€ सामना करना पड़ सकता है और कान में संकà¥à¤°à¤®à¤£ के लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में शिशॠको तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚ और सावधानी बरतें।
9 महीने बचà¥à¤šà¥‡ के बारे में जानिठकà¥à¤› और बातें।
बचà¥à¤šà¥‡ की सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾, दृषà¥à¤Ÿà¤¿ और अनà¥à¤¯ इंदà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
कà¥à¤¯à¤¾ मेरा बचà¥à¤šà¤¾ देख सकता है?
आपके शिशॠकी दृषà¥à¤Ÿà¤¿ महीने दर महीने तेज होने लगती है और नौवें महीने में आपकी शिशॠकी दृषà¥à¤Ÿà¤¿ काफी विकसित हो जाती है। अब आपका शिशॠदूर और पास दोनों चीजें तो देख ही सकता है, साथ ही चलती हà¥à¤ˆ चीजों पर à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ कर सकता है। उसे रंग-बिरंगी किताबें और खिलौने देखना और परिचित चेहरों को देखना पसंद आने लगता है (10)।
कà¥à¤¯à¤¾ मेरा बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤¨ सकता है?
आपका शिशॠजनà¥à¤® के बाद से ही आपको सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ और समà¤à¤¨à¥‡ लगता है। वो जैसे-जैसे बड़ा होता है, उसके सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ और समà¤à¤¨à¥‡ की ताकत à¤à¥€ विकसित होने लगती है। इस उमà¥à¤° में शिशॠआवाजों को और शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ जैसे – दा, बा को सà¥à¤¨à¤•र समà¤à¤¨à¥‡ लगता है और उससे अपने शबà¥à¤¦ जैसे – दादा, बाबा बनाकर बोलने की कोशिश करने लगता है (10)।
कà¥à¤¯à¤¾ मेरा बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤µà¤¾à¤¦ और गंध को पहचान सकता है?
इस उमà¥à¤° से ही शिशॠअपने पसंद के खाने का धीरे-धीरे चà¥à¤¨à¤¾à¤µ करने लगते हैं। अगर आपका शिशॠकà¥à¤› खाने से इंकार करे, तो आप उसे थोड़ी-थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में बार-बार वो चीज देने की कोशिश करें। à¤à¤¸à¤¾ करने से वो कà¤à¥€ न कà¤à¥€ उस चीज को जरूर चखेंगे। इसके अलावा, शिशॠको अचà¥à¤›à¥€ खà¥à¤¶à¤¬à¥‚ वाली चीजों को हलà¥à¤•ा-हलà¥à¤•ा सà¥à¤‚घाà¤à¤‚, ताकि उनमें गंध की समठऔर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने लगे (10)।
नीचे पà¥à¥‡à¤‚ नौवें महीने में शिशॠकी सफाई को लेकर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने के संबंध में कà¥à¤› टिपà¥à¤¸à¥¤
बेबी सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ से जà¥à¥œà¥€ कà¥à¤› बातें
शिशॠको नहलाà¤à¤‚ – शिशॠको रोजाना नहलाà¤à¤‚। आप मौसम के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° शिशॠको नहलाने का फैसला कर सकते हैं। अगर रोजाना नहीं नहला सकते हैं, तो गीले तैलिये से हलà¥à¤•ा-हलà¥à¤•ा करके उनके शरीर को पोछें। फिर मॉइसà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¤° या बेबी कà¥à¤°à¥€à¤® लगाà¤à¤‚।
हाथ धोना – बाहर से आने के बाद शिशॠको छूने से पहले हाथ धोà¤à¤‚। शिशॠबहà¥à¤¤ ही नाजà¥à¤• होते हैं और उनकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कमजोर होती है, इसलिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ किसी à¤à¥€ चीज का संकà¥à¤°à¤®à¤£ जलà¥à¤¦à¥€ हो सकता है। इसलिà¤, बाहर से आने के बाद जो कोई à¤à¥€ शिशॠको गोद में ले या छूने की कोशिश करे, तो पहले उसे हाथ धोने को कहें।
घर की साफ-सफाई – 9 महीने में शिशॠकà¥à¤°à¥‰à¤² करके जमीन पर खेलना शà¥à¤°à¥‚ कर देते हैं, à¤à¤¸à¥‡ में धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि आपका घर साफ-सà¥à¤¥à¤°à¤¾ रहे। इस उमà¥à¤° में शिशॠको कà¥à¤› à¤à¥€ उठाकर मà¥à¤‚ह में डालने की आदत होती है। à¤à¤¸à¥‡ में वो नीचे पड़ी चीजों को उठाकर मà¥à¤‚ह में ले सकते हैं और इससे उनका सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ खराब हो सकता है। इसलिà¤, हर वकà¥à¤¤ घर की सफाई पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें।
खिलौनों को साफ करना – शिशॠखिलौनों से खेलते-खेलते कई बार उसे मà¥à¤‚ह में लेने लगते हैं। अगर खिलौना गंदा हो, तो वो गंदगी शिशॠके पेट में जा सकता है और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं।
शिशॠके कपड़े – शिशॠके कपड़ों को à¤à¤‚टीसेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ से और गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी से धोà¤à¤‚, ताकि उनमें कीटाणॠकी समसà¥à¤¯à¤¾ न हो।
खाने का बरà¥à¤¤à¤¨ – 9 महीने का बचà¥à¤šà¤¾ थोड़ा बहà¥à¤¤ ठोस आहार लेने लगता है। à¤à¤¸à¥‡ में शिशॠको जिस कटोरे और चमà¥à¤®à¤š से आप आहार दे रहे हैं, उसे अचà¥à¤›à¥€ तरह से धोà¤à¤‚।
दांत की सफाई – शिशॠके मà¥à¤‚ह की सफाई का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना à¤à¥€ जरूरी है। उनके दांत की सफाई छोटे व कोमल बेबी बà¥à¤°à¤¶ या उंगली पर नरà¥à¤® कपड़ा लपेटकर की जा सकती है।
आगे हम बताà¤à¤‚गे कि कैसे माता-पिता अपने शिशॠके विकास में सहयोग कर सकते हैं।
माता-पिता बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में कैसे मदद कर सकते हैं?
शिशॠका सही विकास हो, उसमें माता-पिता का महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ योगदान होता है। नीचे उसी के बारे में हम कà¥à¤› बातें बता रहे हैं :
माता-पिता शिशॠको रंग-बिरंगी किताबें दिखाà¤à¤‚ और कहानियां व लोरी सà¥à¤¨à¤¾à¤à¤‚।
पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार खिलाà¤à¤‚।
उनके साथ खेलें और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वकà¥à¤¤ बिताà¤à¤‚।
नई-नई चीजें और खिलौने दिखाà¤à¤‚।
उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जमीन पर खेलने और कà¥à¤°à¥‰à¤² करने दें।
इस उमà¥à¤° में शिशॠजमीन पर खेलने और कà¥à¤°à¥‰à¤² करने लगते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आपका घर बेबी पà¥à¤°à¥‚फ होना à¤à¥€ जरूरी है, ताकि आपके शिशॠको चोट न लगे या कोई अनà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ न हो। टेबल व कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ के नà¥à¤•ीले कोनों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें। इससे आपके शिशॠको चोट लगने का डर होता है। छोटी-छोटी चीजें जमीन पर न हो, जिसे शिशॠमà¥à¤‚ह में ले सके, कहीं पर à¤à¥€ तार न निकला हो।
अब हम आपको 9 महीने बचà¥à¤šà¥‡ के कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£ बताà¤à¤‚गे, जिसके बारे में माता-पिता को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना जरूरी है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अगर इन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ न दिया गया, तो यह चिंता का कारण हो सकता है।
9 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के विकास के बारे में माता-पिता को कब चिंतित होना चाहिà¤?
अगर आपका शिशॠखड़े होने में असमरà¥à¤¥ हो।
अगर शिशॠचीजों को उंगलियों से पकड़ नहीं पा रहा हो (9)।
दूर की चीजों को देखने और समà¤à¤¨à¥‡ में परेशानी हो रही हो।
अगर शिशॠअपनी आंखों को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रगड़ या नोंच रहा हो (10)।
आवाजों को सà¥à¤¨à¤•र कोई पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ न दे रहा हो।
अगर बैठने में परेशानी हो रही हो।
अगर शिशॠचिड़चिड़ा हो और दिनà¤à¤° रोता रहे।
इस महीने के लिठचेकलिसà¥à¤Ÿ
अनà¥à¤¯ महीनों की तरह 9 महीने शिशॠके लिठà¤à¥€ माता-पिता को चेकलिसà¥à¤Ÿ रखनी चाहिà¤, ताकि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शिशॠके बेहतर विकास का पता चलते रहे।
नियमित रूप से डॉकà¥à¤Ÿà¤° से शिशॠका चेकअप कराà¤à¤‚।
9 महीने में दिठजाने वाले वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ के बारे में जानकारी रखकर शिशॠको सही वकà¥à¤¤ पर वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ दिलवाà¤à¤‚।
शिशॠकी सफाई का पूरा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें।
9 महीने के शिशॠकी तसà¥à¤µà¥€à¤° खींचना न à¤à¥‚लें, जिससे आपको शिशॠके शारीरिक विकास का पता चलेगा।
आगे हम माता-पिता दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पूछे जानें वाले कà¥à¤› आम सवालों के जवाब देंगे।
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
कà¥à¤¯à¤¾ 9 महीने की उमà¥à¤° में बचà¥à¤šà¥‡ चलना शà¥à¤°à¥‚ कर सकते हैं?
9 महीने की उमà¥à¤° में बचà¥à¤šà¥‡ कà¥à¤°à¥‰à¤² करना सीख जाते हैं। अगर चलने की बात करें, तो कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‡ चल सकते हैं और कà¥à¤› नहीं à¤à¥€ चल सकते हैं। यह पूरी तरह से शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ और उनके विकास पर निरà¥à¤à¤° करता है (11)।
मेरे 9 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ ने बैठना नहीं सीखा है। कà¥à¤¯à¤¾ मà¥à¤à¥‡ इस बारे में चिंता करनी चाहिà¤?
आमतौर पर शिशॠछठे महीने से बिना सहारे के थोड़ा-बहà¥à¤¤ बैठने लगते हैं (12), लेकिन अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ 9 महीने का हो चà¥à¤•ा है और अà¤à¥€ तक बैठना नहीं शà¥à¤°à¥‚ किया है, तो यह चिंता का विषय हो सकता है। बेहतर होगा कि आप à¤à¤• बार डॉकà¥à¤Ÿà¤° से इस बारे में बात करें और अपने शिशॠका चेकअप करा लें।
शिशॠका सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ विकास किसी à¤à¥€ माता-पिता के लिठतोहफे से कम नहीं होता है। अगर शिशॠखà¥à¤¶ और सेहतमंद रहे, तो उसके और उसके माता-पिता दोनों के लिठखà¥à¤¶à¥€ की बात होती है। आशा करते हैं कि इस लेख से आपको अपने शिशॠको खà¥à¤¶ रखने के टिपà¥à¤¸ मिलेंगे और इसमें दी गई जानकारी आपको अपने बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने के काम आà¤à¤—ी। इस लेख को दूसरों के साथ शेयर कर 9 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ से जà¥à¥œà¥€ जरूरी जानकारी से अवगत कराà¤à¤‚।
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